1. संगठन के उद्देश्यों को पूर्ण करने हेतु समर्पण भाव से कार्य करने हेतु संकल्प कर जुटना। 2. संगठन के कार्यक्रमों हेतु तन मन धन से सहयोग करना और समय पर पहुंचना। 3. संगठन के विस्तार हेतु पूर्ण रूप से निष्ठवान होकर कार्य करना। 4. संगठन के प्रमुख श्री गुरु जी के आदेश को परमात्मा का आदेश मानकर बिना किसी संशय के कार्य करना।
1. सत्संग एवं भागवत कथाओं का आयोजन कर सत्य सनातन धर्म संस्कृति का प्रचार प्रसार करना।
धर्म जागरण संस्थान धर्मार्थ ट्रस्ट संस्थापक
प्रमुख/राष्ट्रीय अध्यक्ष
# संदेश #
धर्म जागरण संस्थान धर्मार्थ ट्रस्ट की वेब साइट पर आप सभी बंधुओं का हार्दिक अभिनंदन करते हैं। हमें गर्व है कि हम उस सत्य सनातन धर्म संस्कृति का अभिन्न अंग हैं जिसका उध्य तब हुआ जब इस सृष्टि की रचना हुई। हमारे सनातन धर्म ने ना केवल मानव जाति बल्कि प्रकृति, पशु पक्षियों तक की सुरक्षा और उनको भी जीने का अधिकार देने की बात की है। सनातन धर्म की सभी शिक्षाओं का विज्ञानिक आधार है ये सिद्ध हो चुका है। केवल सनातन धर्म ही समूचे विश्व को जोड़ने की बात करता है कयोंकि सनातन धर्म की शिक्षा जियो और जीने दो वाली, वासुदेव कुटुंभकम वाली है। अगर विश्व में शांति और स्थिरता लानी है तो सभी को सनातन धर्म की शिक्षाओं को अपना कर ही जीवन ज्ञापन करना होगा। पूर्व में कुछ कमियां रही जिसके कारण सत्य सनातन धर्म संस्कृति का प्रचार प्रसार उतने स्तर पर हो नहीं पाया जितना होना चाहिए था। धर्म जागरण संस्थान धर्मार्थ ट्रस्ट ने लगभग 33 वर्ष पूर्व ये बेड़ा उठाया और निरंतर इसके लिए कार्य कर रहा है। जो भी सनातन प्रेमी सनातन धर्म संस्कृति के प्रचार प्रसार हेतु अपना अमूल्य योगदान देना चाहते हैं वो हमारे संगठन से जुड़कर पुण्य प्राप्त कर सकते हैं।
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